श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  13.109.98 
पानीयं पायसं सक्तून् दधिसर्पिर्मधून्यपि।
निरस्य शेषमन्येषां न प्रदेयं तु कस्यचित्॥ ९८॥
 
 
अनुवाद
जल, खीर, सत्तू, दही, घी और शहद को छोड़कर अन्य खाद्य पदार्थों का बचा हुआ भाग किसी अन्य को नहीं देना चाहिए ॥98॥
 
Except water, kheer, sattu, curd, ghee and honey, the leftover portion of other eatables should not be given to anyone else. ॥98॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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