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mahabharat 13.109.9: सदाचार ही धर्म का लक्षण है। अच्छा चरित्र ही महापुरुषों की पहचान है। महापुरुषों का आचरण ही सदाचार का स्वभाव या लक्षण है।॥9॥   |   mahabharat अध्याय 13.109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  13.109.9 
आचारलक्षणो धर्म: संतश्चारित्रलक्षणा:।
साधूनां च यथावृत्तमेतदाचारलक्षणम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
सदाचार ही धर्म का लक्षण है। अच्छा चरित्र ही महापुरुषों की पहचान है। महापुरुषों का आचरण ही सदाचार का स्वभाव या लक्षण है।॥9॥
 
Good conduct is the sign of religion. Good character is the identity of great men. The way great men behave is the nature or sign of good conduct.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)