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न नग्न: कर्हिचित् स्नायान्न निशायां कदाचन।
स्नात्वा च नावमृज्येत गात्राणि सुविचक्षण:॥ ५१॥
अनुवाद
विद्वान पुरुष को कभी भी नग्न होकर स्नान नहीं करना चाहिए। रात्रि में भी कभी स्नान नहीं करना चाहिए। स्नान के बाद अपने शरीर के अंगों पर तेल आदि की मालिश नहीं करनी चाहिए। 51॥
A learned man should never bathe naked. Never bathe even at night. Do not massage your body parts with oil etc. after bathing. 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥