श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  13.109.38 
न ब्राह्मणान् परिवदेन्नक्षत्राणि न निर्दिशेत्।
तिथिं पक्षस्य न ब्रूयात् तथास्यायुर्न रिष्यते॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मणों की निन्दा नहीं करनी चाहिए, घर-घर जाकर नक्षत्र और कृष्णपक्ष की तिथि बतानी चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य की आयु क्षीण नहीं होती ॥38॥
 
One should not criticise Brahmins, go from house to house telling the stars and the date of any fortnight. By doing this, a person's life span is not shortened. ॥ 38॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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