श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण  »  श्लोक 155
 
 
श्लोक  13.109.155 
आगमानां हि सर्वेषामाचार: श्रेष्ठ उच्यते।
आचारप्रभवो धर्मो धर्मादायुर्विवर्धते॥ १५५॥
 
 
अनुवाद
सभी आगमों में सदाचार को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। सदाचार से धर्म की उत्पत्ति होती है और धर्म से आयु बढ़ती है। 155।
 
In all the Agamas, good conduct is considered to be the best. Good conduct gives rise to Dharma and Dharma increases life span. 155.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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