Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.109.130: हे पुरुषश्रेष्ठ! जिस कन्या के शरीर का कोई अंग कम हो या अधिक अंग हों, जिसका कुल और प्रवर अपने ही समान हो तथा जो माता के कुल (नाना के कुल) में उत्पन्न हुई हो, उससे विवाह नहीं करना चाहिए ॥130॥ | mahabharat अध्याय 13.109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पुरुषश्रेष्ठ! जिस कन्या के शरीर का कोई अंग कम हो या अधिक अंग हों, जिसका कुल और प्रवर अपने ही समान हो तथा जो माता के कुल (नाना के कुल) में उत्पन्न हुई हो, उससे विवाह नहीं करना चाहिए ॥130॥
O best of men! A girl who is lacking in any body part or has extra body parts, whose lineage and pravara are the same as one's own, and who was born in the mother's family (maternal grandfather's lineage) should not be married. ॥130॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥