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श्लोक 13.109.118-119h  |
संध्यायां न स्वपेद्राजन् विद्यां न च समाचरेत्॥ ११८॥
न भुञ्जीत च मेधावी तथायुर्विन्दते महत्। |
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| अनुवाद |
| महाराज! बुद्धिमान व्यक्ति को संध्या काल में न तो सोना चाहिए, न ही अध्ययन करना चाहिए और न ही भोजन करना चाहिए। ऐसा करने से उसे दीर्घायु की प्राप्ति होती है। |
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| King! A wise man should neither sleep nor study nor eat during the evening twilight. By doing so, he attains a long life. 118 1/2 |
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