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mahabharat 13.109.113-d9: तोता, मैना आदि पक्षियों का घर में रहना शुभ और समृद्धिदायक होता है। वे तेल खाने वाले पक्षियों की तरह अशुभ नहीं होते। देवता की मूर्ति, दर्पण, चंदन, फूलों की लता, शुद्ध जल, सोना और चांदी - ये सब चीजें घर में रखना शुभ होता है ॥113॥   |   mahabharat अध्याय 13.109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 109: आयुकी वृद्धि और क्षय करनेवाले शुभाशुभ कर्मोंके वर्णनसे गृहस्थाश्रमके कर्तव्योंका विस्तारपूर्वक निरूपण  »  श्लोक 113-d9
 
 
श्लोक  13.109.113-d9 
गृहे पारावता धन्या: शुकाश्च सहसारिका:।
गृहेष्वेते न पापाय तथा वै तैलपायिका:॥ ११३॥
(देवता प्रतिमाऽऽदर्शाश्चन्दना: पुष्पवल्लिका:।
( शुद्धं जलं सुवर्णं च रजतं गृहमंगलम्॥ )
 
 
अनुवाद
तोता, मैना आदि पक्षियों का घर में रहना शुभ और समृद्धिदायक होता है। वे तेल खाने वाले पक्षियों की तरह अशुभ नहीं होते। देवता की मूर्ति, दर्पण, चंदन, फूलों की लता, शुद्ध जल, सोना और चांदी - ये सब चीजें घर में रखना शुभ होता है ॥113॥
 
Birds like the parrot, mynah, etc. living in the house is auspicious and prosperous. They are not inauspicious like the birds that eat oil. The idol of a deity, mirror, sandalwood, creeper of flowers, pure water, gold and silver - keeping all these things in the house is auspicious. ॥113॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)