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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 106: ब्राह्मणोंके धनका अपहरण करनेसे प्राप्त होनेवाले दोषके विषयमें क्षत्रिय और चाण्डालका संवाद तथा ब्रह्मस्वकी रक्षामें प्राणोत्सर्ग करनेसे चाण्डालको मोक्षकी प्राप्ति
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श्लोक 2
श्लोक
13.106.2
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
चाण्डालस्य च संवादं क्षत्रबंधोश्च भारत॥ २॥
अनुवाद
हे भारत! इस विषय में ज्ञानी लोग चाण्डाल और क्षत्रिय के संवाद की एक प्राचीन कथा का उदाहरण देते हैं॥ 2॥
Bharat! People knowledgeable in this matter cite the example of an ancient story of a conversation between a Chandala and a Kshatriya.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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