Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.104.20: ब्रह्मा जी का दिया हुआ वरदान प्रजा के लिए दुःख का कारण बन गया है। वह दुष्ट व्यक्ति ब्राह्मणों के साथ अन्याय कर रहा है।   |   mahabharat अध्याय 13.104: नहुषका ऋषियोंपर अत्याचार तथा उसके प्रतीकारके लिये महर्षि भृगु और अगस्त्यकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 104: नहुषका ऋषियोंपर अत्याचार तथा उसके प्रतीकारके लिये महर्षि भृगु और अगस्त्यकी बातचीत  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  13.104.20 
प्रायच्छत वरं देव: प्रजानां दु:खकारणम्।
द्विजेष्वधर्मयुक्तानि स करोति नराधम:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मा जी का दिया हुआ वरदान प्रजा के लिए दुःख का कारण बन गया है। वह दुष्ट व्यक्ति ब्राह्मणों के साथ अन्याय कर रहा है।
 
The boon given to him by Lord Brahma has become the cause of sorrow for the subjects. That wretched person is behaving unjustly with the Brahmins.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)