श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 101: सरोवर खोदाने और वृक्ष लगानेका माहात्म्य  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  13.101.d1 
युधिष्ठिर उवाच
संस्कृतानां तटाकानां यत् फलं कुरुपुंगव।
तदहं श्रोतुमिच्छामि त्वत्तोऽद्य भरतर्षभ॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, 'हे महारथी! भरतश्रेष्ठ! आज मैं आपसे इन सरोवरों के निर्माण का फल सुनना चाहता हूँ।
 
Yudhishthira said, 'O great warrior! Best of the Bharatas! Today I want to hear from you the result of building these lakes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)