vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 101: सरोवर खोदाने और वृक्ष लगानेका माहात्म्य
»
श्लोक d1
श्लोक
13.101.d1
युधिष्ठिर उवाच
संस्कृतानां तटाकानां यत् फलं कुरुपुंगव।
तदहं श्रोतुमिच्छामि त्वत्तोऽद्य भरतर्षभ॥
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, 'हे महारथी! भरतश्रेष्ठ! आज मैं आपसे इन सरोवरों के निर्माण का फल सुनना चाहता हूँ।
Yudhishthira said, 'O great warrior! Best of the Bharatas! Today I want to hear from you the result of building these lakes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×