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श्लोक  13.10.51 
सव्रीडं वै भवति हि मनो मे हसता त्वया।
कामया शापितो राजन् नान्यथा वक्तुमर्हसि॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
आपकी हँसी मुझे लज्जित कर रही है। हे राजन! मैं आपसे शपथपूर्वक पूछ रहा हूँ, कृपया अपनी इच्छानुसार मुझे सत्य बताएँ। कुछ और कहकर मुझे भ्रमित न करें।
 
Your laughter makes me feel ashamed. O King! I am asking you under oath, please tell me the truth as per your wish. Do not try to mislead me by saying something else.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)