श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 10: अनधिकारीको उपदेश देनेसे हानिके विषयमें एक शूद्र और तपस्वी ब्राह्मणकी कथा  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  13.10.49 
भीष्म उवाच
बाढमित्येव तं राजा प्रत्युवाच युधिष्ठिर।
यदि ज्ञास्यामि वक्ष्यामि अजानन् न तु संवदे॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं- युधिष्ठिर! तब राजा ने उत्तर दिया- 'बहुत अच्छा। यदि मैं जानता हूँ तो अवश्य बताऊँगा और यदि नहीं जानता हूँ तो नहीं बताऊँगा'॥49॥
 
Bhishmaji says- Yudhishthira! Then the king replied- 'Very good. If I know then I will definitely tell and if I do not know then I will not tell'॥ 49॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas