Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.10.38-39h: ऋषि वेदों और अथर्ववेद के पारंगत विद्वान बन गए। वे कल्पप्रयोग और ज्योतिष में भी पारंगत हो गए। सांख्य में भी उनकी गहरी रुचि बढ़ने लगी। | mahabharat अध्याय 13.10: अनधिकारीको उपदेश देनेसे हानिके विषयमें एक शूद्र और तपस्वी ब्राह्मणकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथर्ववेदे वेदे च बभूवर्षि: सुनिष्ठित:।
कल्पप्रयोगे चोत्पन्ने ज्योतिषे च परं गत:॥ ३८॥
सांख्ये चैव परा प्रीतिस्तस्य चैवं व्यवर्धत।
अनुवाद
ऋषि वेदों और अथर्ववेद के पारंगत विद्वान बन गए। वे कल्पप्रयोग और ज्योतिष में भी पारंगत हो गए। सांख्य में भी उनकी गहरी रुचि बढ़ने लगी।
The sage became an accomplished scholar of Vedas and Atharvaveda. He also became proficient in kalpaprayog and astrology. His deep interest in Sankhya also started increasing. 38 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥