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mahabharat 13.10.14: द्विजश्रेष्ठ! मैं आपकी कृपा से धर्म का ज्ञान प्राप्त करना चाहता हूँ। अतः हे प्रभु! आप मुझे विधिपूर्वक संन्यास दीक्षा प्रदान करें।' 14॥   |   mahabharat अध्याय 13.10: अनधिकारीको उपदेश देनेसे हानिके विषयमें एक शूद्र और तपस्वी ब्राह्मणकी कथा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.10.14 
भवत्प्रसादादिच्छामि धर्मं वक्तुं द्विजर्षभ।
तन्मां त्वं भगवन् वक्तुं प्रव्राजयितुमर्हसि॥ १४॥
 
 
अनुवाद
द्विजश्रेष्ठ! मैं आपकी कृपा से धर्म का ज्ञान प्राप्त करना चाहता हूँ। अतः हे प्रभु! आप मुझे विधिपूर्वक संन्यास दीक्षा प्रदान करें।' 14॥
 
‘Dwijashrestha! I want to gain knowledge of religion by your grace. So God! Please give me formal initiation into Sannyasi. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)