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mahabharat 12.99.5: और देखो, ये नरक जो तुम्हारे सामने प्रकट हुए हैं, वे युद्ध से पीठ फेरकर भागने वालों को प्राप्त होते हैं। साथ ही, इस लोक में उनकी चिरस्थायी अपकीर्ति फैलती है; अतः अब तुम लोग विजय के लिए प्रयत्न करो॥5॥   |   mahabharat अध्याय 12.99: शूरवीरोंको स्वर्ग और कायरोंको नरककी प्राप्तिके विषयमें मिथिलेश्वर जनकका इतिहास   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.99.5 
इमे पलायमानानां नरका: प्रत्युपस्थिता:।
अकीर्ति: शाश्वती चैव यतितव्यमनन्तरम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
और देखो, ये नरक जो तुम्हारे सामने प्रकट हुए हैं, वे युद्ध से पीठ फेरकर भागने वालों को प्राप्त होते हैं। साथ ही, इस लोक में उनकी चिरस्थायी अपकीर्ति फैलती है; अतः अब तुम लोग विजय के लिए प्रयत्न करो॥5॥
 
‘And look, these hells that have appeared before you are received by those who turn their backs and run away from the battle. Along with that, their everlasting infamy spreads in this world; therefore, now you people should strive for victory.॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)