Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.91.6: हे भरतश्रेष्ठ! सत्ययुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग - ये सब राजा के आचरण में स्थित हैं। राजा को युग कहा जाता है, क्योंकि वह समस्त युगों का आरंभकर्ता है॥6॥ | mahabharat अध्याय 12.91: उतथ्यके उपदेशमें धर्माचरणका महत्त्व और राजाके धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतश्रेष्ठ! सत्ययुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग - ये सब राजा के आचरण में स्थित हैं। राजा को युग कहा जाता है, क्योंकि वह समस्त युगों का आरंभकर्ता है॥6॥
O best of the Bharatas! Satyayuga, Treta, Dwapara and Kaliyuga - all these are situated in the conduct of the king. The king is called a Yuga because he is the initiator of all the Yugas.॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥