तेषां य: क्षत्रियो वेद वस्त्राणामिव शोधनम्।
शीलदोषान् विनिर्हर्तुं स पिता स प्रजापति:॥ ५॥
अनुवाद
इनमें जो क्षत्रिय वस्त्रों से मैल हटाने वाले धोबी के समान चरित्र दोषों को दूर करना जानता है, वही प्रजा का पिता और प्रजा का शासक है ॥5॥
Among these, the Kshatriya who knows how to remove character defects like a washerman who removes dirt from clothes, is the father of the people and the ruler of the people. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥