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mahabharat 12.86.17: विद्वान्, बुद्धिमान्, बुद्धिमान्, कार्यकुशल, शूरवीर, ज्ञानी, कुलीन तथा साहस और धैर्य से युक्त पुरुषों को उनकी योग्यता के अनुसार सब कार्यों में लगाओ ॥17॥   |   mahabharat अध्याय 12.86: राजाके निवासयोग्य नगर एवं दुर्गका वर्णन, उसके लिये प्रजापालनसम्बन्धी व्यवहार तथा तपस्वीजनोंके समादरका निर्देश   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 86: राजाके निवासयोग्य नगर एवं दुर्गका वर्णन, उसके लिये प्रजापालनसम्बन्धी व्यवहार तथा तपस्वीजनोंके समादरका निर्देश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  12.86.17 
प्राज्ञा मेधाविनो दान्ता दक्षा: शूरा बहुश्रुता:।
कुलीना: सत्त्वसम्पन्ना युक्ता: सर्वेषु कर्मसु॥ १७॥
 
 
अनुवाद
विद्वान्, बुद्धिमान्, बुद्धिमान्, कार्यकुशल, शूरवीर, ज्ञानी, कुलीन तथा साहस और धैर्य से युक्त पुरुषों को उनकी योग्यता के अनुसार सब कार्यों में लगाओ ॥17॥
 
Employ the learned, the intelligent, the intelligent, the efficient, the brave, the knowledgeable, the noble and the men endowed with courage and patience in all the deeds as per their capability. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)