Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.83.53: राजा को चाहिए कि वह पहले तीनों मंत्रियों की सलाह अलग-अलग सुने और फिर उस पर ध्यानपूर्वक विचार करे। तत्पश्चात, आगे के परामर्श के दौरान, अपने तथा अन्य लोगों के निर्णय राजगुरु को प्रस्तुत करे। | mahabharat अध्याय 12.83: सभासद् आदिके लक्षण, गुप्त सलाह सुननेके अधिकारी और अनधिकारी तथा गुप्त-मन्त्रणाकी विधि एवं स्थानका निर्देश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा को चाहिए कि वह पहले तीनों मंत्रियों की सलाह अलग-अलग सुने और फिर उस पर ध्यानपूर्वक विचार करे। तत्पश्चात, आगे के परामर्श के दौरान, अपने तथा अन्य लोगों के निर्णय राजगुरु को प्रस्तुत करे।
The king should first listen to the advice of the three ministers separately and then carefully consider it. Then, during the subsequent consultations, he should submit his and others' decisions to the Rajguru. 53.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥