जो मंत्री राजा से स्नेह नहीं रखता, उस पर विश्वास करना उचित नहीं है; इसलिए जो मंत्री राजा से स्नेह नहीं रखता, उसके समक्ष अपने गुप्त विचार प्रकट नहीं करने चाहिए ॥30॥
It is not right to trust a minister who has no affection for the king; hence one should not reveal his secret thoughts to a minister who has no affection for the king. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥