Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.82.33: मेरे जैसा मंत्री अपनी बुद्धि से संकट के समय सहायता करता है। हे राजन! मेरा यह कौआ भी आपके कार्य में लगा था; परन्तु मारा गया (सम्भव है कि मेरी भी यही दशा हो)।॥33॥ | mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ददात्यस्मद्विधोऽमात्यो बुद्धिसाहाय्यमापदि।
वायसस्त्वेष मे राजन् ननु कार्याभिसंहित:॥ ३३॥
अनुवाद
मेरे जैसा मंत्री अपनी बुद्धि से संकट के समय सहायता करता है। हे राजन! मेरा यह कौआ भी आपके कार्य में लगा था; परन्तु मारा गया (सम्भव है कि मेरी भी यही दशा हो)।॥33॥
A minister like me helps in times of crisis through his wisdom. O King! This crow of mine was also involved in your work; but was killed (it is possible that I too will meet the same fate).॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥