Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.82.31: यदि राजा प्रसन्न हो जाए तो देवता के समान सबकी कामनाओं को पूर्ण कर देता है और यदि वह कुपित हो जाए तो प्रज्वलित अग्नि के समान सब कुछ नष्ट कर देता है ॥31॥ | mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवतेव हि सर्वार्थान् कुर्याद् राजा प्रसादित:।
वैश्वानर इव क्रुद्ध: समूलमपि निर्दहेत्॥ ३१॥
अनुवाद
यदि राजा प्रसन्न हो जाए तो देवता के समान सबकी कामनाओं को पूर्ण कर देता है और यदि वह कुपित हो जाए तो प्रज्वलित अग्नि के समान सब कुछ नष्ट कर देता है ॥31॥
If the king is appeased then like a god he fulfils all wishes and if he becomes angry then like a burning fire he destroys everything completely. ॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥