Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.82.23: ऋषि बोले, "महाराज! आपके सेवकों में कौन दोषी है और कौन निर्दोष? यह जानकर तथा यह जानकर कि आपके अपने सेवकों से आप पर अनेक संकट आने वाले हैं, मैं आपको प्रेमपूर्वक राज्य का सारा समाचार सुनाने के लिए आपके पास आया हूँ।" | mahabharat अध्याय 12.82: मन्त्रियोंकी परीक्षाके विषयमें तथा राजा और राजकीय मनुष्योंसे सतर्क रहनेके विषयमें कालकवृक्षीय मुनिका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋषि बोले, "महाराज! आपके सेवकों में कौन दोषी है और कौन निर्दोष? यह जानकर तथा यह जानकर कि आपके अपने सेवकों से आप पर अनेक संकट आने वाले हैं, मैं आपको प्रेमपूर्वक राज्य का सारा समाचार सुनाने के लिए आपके पास आया हूँ।"
The sage said, "Maharaj! Who among your servants is guilty and who is innocent? After finding out this and knowing that many dangers are going to come upon you from your own servants, I came to you to lovingly tell you all the news of the kingdom." 23.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥