Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.80.35: जब दूसरे लोग किसी पर अत्याचार करते हैं, तो उसके अपने भाई-बन्धु ही उसका साथ देते हैं। यदि दूसरे लोग समान जाति के व्यक्ति का अपमान करते हैं, तो उसके भाई-बन्धु उसे किसी भी प्रकार सहन नहीं कर सकते ॥35॥ | mahabharat अध्याय 12.80: राजाके लिये मित्र और अमित्रकी पहचान तथा उन सबके साथ नीतिपूर्ण बर्तावका और मन्त्रीके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब दूसरे लोग किसी पर अत्याचार करते हैं, तो उसके अपने भाई-बन्धु ही उसका साथ देते हैं। यदि दूसरे लोग समान जाति के व्यक्ति का अपमान करते हैं, तो उसके भाई-बन्धु उसे किसी भी प्रकार सहन नहीं कर सकते ॥35॥
When others oppress a person, only his own brothers and relatives support him. If others insult a person belonging to the same caste, then his brothers and relatives cannot tolerate it in any way. ॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥