Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.78.4-5: भीष्म ने कहा, "हे युधिष्ठिर, ब्राह्मण को मांस, मदिरा, शहद, नमक, तिल, पका हुआ भोजन, घोड़े, बैल, गाय, बकरी, भेड़, भैंस आदि बेचने से हर हाल में बचना चाहिए क्योंकि इन चीजों को बेचने से ब्राह्मण नरक में जाता है।" | mahabharat अध्याय 12.78: आपत्तिकालमें ब्राह्मणके लिये वैश्यवृत्तिसे निर्वाह करनेकी छूट तथा लुटेरोंसे अपनी और दूसरोंकी रक्षा करनेके लिये सभी जातियोंको शस्त्र धारण करनेका अधिकार एवं रक्षकको सम्मानका पात्र स्वीकार करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म ने कहा, "हे युधिष्ठिर, ब्राह्मण को मांस, मदिरा, शहद, नमक, तिल, पका हुआ भोजन, घोड़े, बैल, गाय, बकरी, भेड़, भैंस आदि बेचने से हर हाल में बचना चाहिए क्योंकि इन चीजों को बेचने से ब्राह्मण नरक में जाता है।"
Bhishma said, "My dear Yudhishthira, a Brahmin must avoid selling meat, wine, honey, salt, sesame seeds, cooked food, horses, bulls, cows, goats, sheep, buffaloes etc. under all circumstances because selling these things sends a Brahmin to hell." 4-5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥