Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.78.10: मैं तुम्हें यह वस्तु दे रहा हूँ और बदले में तुम मुझे वह वस्तु दो। ऐसा कहकर दोनों के हित में जो वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता है, वह धर्म कहलाता है। यदि वह आदान-प्रदान बलपूर्वक किया जाए, तो वह धर्म नहीं है॥10॥ | mahabharat अध्याय 12.78: आपत्तिकालमें ब्राह्मणके लिये वैश्यवृत्तिसे निर्वाह करनेकी छूट तथा लुटेरोंसे अपनी और दूसरोंकी रक्षा करनेके लिये सभी जातियोंको शस्त्र धारण करनेका अधिकार एवं रक्षकको सम्मानका पात्र स्वीकार करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं तुम्हें यह वस्तु दे रहा हूँ और बदले में तुम मुझे वह वस्तु दो। ऐसा कहकर दोनों के हित में जो वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता है, वह धर्म कहलाता है। यदि वह आदान-प्रदान बलपूर्वक किया जाए, तो वह धर्म नहीं है॥10॥
I am giving you this thing and in return you give me that thing. The exchange of things done in the interest of both of them by saying this is considered Dharma. If the exchange is done forcefully then it is not Dharma.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥