vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 73: विद्वान् सदाचारी पुरोहितकी आवश्यकता तथा ब्राह्मण और क्षत्रियमें मेल रहनेसे लाभविषयक राजा पुरूरवाका उपाख्यान
»
श्लोक d2
श्लोक
12.73.d2
रक्षसामसुराणां च पिशाचोरगपक्षिणाम्।
शत्रूणां च भवेद् वध्यो यस्य नास्ति पुरोहित:॥
अनुवाद
जिस राजा के पास पुरोहित नहीं होता, वह राक्षस, पिशाच, भूत, सर्प, पक्षी और शत्रुओं द्वारा मारा जाता है।
That king who does not have a priest is killed by demons, devils, ghosts, serpents, birds and enemies.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×