Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.73.16: जब कोई पापी मनुष्य स्त्री या ब्राह्मण की हत्या करके प्रजा से प्रशंसा और प्रशंसा पाता है और राजा के सामने भी अपने पाप से नहीं डरता, तब क्षत्रिय राजा के लिए महान भय उत्पन्न हो जाता है। | mahabharat अध्याय 12.73: विद्वान् सदाचारी पुरोहितकी आवश्यकता तथा ब्राह्मण और क्षत्रियमें मेल रहनेसे लाभविषयक राजा पुरूरवाका उपाख्यान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब कोई पापी मनुष्य स्त्री या ब्राह्मण की हत्या करके प्रजा से प्रशंसा और प्रशंसा पाता है और राजा के सामने भी अपने पाप से नहीं डरता, तब क्षत्रिय राजा के लिए महान भय उत्पन्न हो जाता है।
When a sinful man, after killing a woman or a Brahmin, receives praise and appreciation from the people and does not fear his sin even in the presence of the king, then a great fear arises for the Kshatriya king. 16.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥