कथं चारं प्रयुञ्जीत वर्णान् विश्वासयेत् कथम्।
कथं भृत्यान् कथं दारान् कथं पुत्रांश्च भारत॥ २॥
अनुवाद
राजा को गुप्तचरों की नियुक्ति किस प्रकार करनी चाहिए? वह सभी जातियों के लोगों के मन में विश्वास कैसे उत्पन्न करे? हे भारत! वह अपने सेवकों, पत्नियों और पुत्रों को किस प्रकार नियुक्त करे? और उनके मन में विश्वास कैसे उत्पन्न करे?॥2॥
How should a king appoint spies? How should he create trust in the minds of people of all castes? O Bharata! How should he engage his servants, wives and sons? And how should he create trust in their minds?॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥