श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 68: वसुमना और बृहस्पतिके संवादमें राजाके न होनेसे प्रजाकी हानि और होनेसे लाभका वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  12.68.27 
न लभेद् धर्मसंश्लेषं हतविप्रहतो जन:।
हर्ता स्वस्थेन्द्रियो गच्छेद् यदि राजा न पालयेत्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
यदि राजा इस नियम का पालन नहीं करेगा तो प्रजा दुःखी होकर धर्म का मार्ग छोड़ देगी और चोर घर की सम्पत्ति लूटकर शरीर और इन्द्रियों को कोई हानि पहुँचाए बिना सुरक्षित लौट जाएँगे। 27.
 
If the king does not follow this rule, then people will be distressed and will abandon the path of Dharma and thieves will take away the household property and return safely without any harm to their body and senses. 27.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)