यो यस्मिन् कुरुते कर्म यादृशं येन यत्र च।
तादृशं तादृशेनैव स गुणं प्रतिपद्यते॥ ८॥
अनुवाद
जो मनुष्य जिस भी अवस्था में, जिस भी स्थान या काल में, तथा जिस भी उद्देश्य से कोई विशेष कर्म करता है, वह (उसी अवस्था में, उसी स्थान या काल में) उसी भावना से उस कर्म का वैसा ही फल प्राप्त करता है। ॥8॥
Whatever a person does a particular act in whatever condition, in whatever place or time, and with whatever purpose, he (in the same condition, in the same place or time) with the same feeling receives the same result of that act. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥