श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 59: ब्रह्माजीके नीतिशास्त्रका तथा राजा पृथुके चरित्रका वर्णन  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  12.59.91 
प्रजापते: कर्दमस्य त्वनङ्गो नाम वै सुत:।
प्रजा रक्षयिता साधुर्दण्डनीतिविशारद:॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
प्रजापति कर्दम के पुत्र का नाम अनंग था, जो कालान्तर में प्रजा की रक्षा करने में समर्थ, ऋषि और दण्ड विद्या में निपुण हो गया ॥91॥
 
Prajapati Kardam's son's name was Anang, who over time became capable of protecting the people, a sage and adept in the art of punishment. 91॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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