श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 59: ब्रह्माजीके नीतिशास्त्रका तथा राजा पृथुके चरित्रका वर्णन  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  12.59.64 
पणवानकशङ्खानां भेरीणां च युधिष्ठिर।
उपार्जनं च द्रव्याणां परिमर्दश्च तानि षट्॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर! इस शास्त्र में युद्ध में डफ, शंख, घंटा आदि वाद्य बजाने, रत्न, पशु, पृथ्वी, वस्त्र, दास और सुवर्ण इन छह प्रकार की वस्तुओं को अपने लिए प्राप्त करने तथा शत्रु की इन वस्तुओं को नष्ट करने का भी उल्लेख है ॥64॥
 
Yudhisthira! There is also mention in this scripture of playing war instruments like drum, conch, bell etc., acquiring these six types of things like gems, animals, earth, clothes, slaves and gold for oneself and destroying these things of the enemy. 64॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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