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श्लोक 12.59.138  |
महत्त्वात् तस्य दण्डस्य नीतिर्विस्पष्टलक्षणा।
नयचारश्च विपुलो येन सर्वमिदं ततम्॥ १३८॥ |
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| अनुवाद |
| उपर्युक्त दण्ड की महत्ता के कारण ही सुस्पष्ट लक्षण और न्यायपूर्ण आचरण वाली नीति का अधिक प्रचार होता है, जिससे यह सम्पूर्ण जगत् फैला हुआ है ॥138॥ |
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| It is because of the importance of the above punishment that the policy with clear characteristics and just conduct gets propagated more, due to which this entire world is spread. 138॥ |
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