श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 58: भीष्मद्वारा राज्यरक्षाके साधनोंका वर्णन तथा संध्याके समय युधिष्ठिर आदिका विदा होना और रास्तेमें स्नान-संध्यादि नित्यकर्मसे निवृत्त होकर हस्तिनापुरमें प्रवेश  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.58.14 
उत्थानेनामृतं लब्धमुत्थानेनासुरा हता:।
उत्थानेन महेन्द्रेण श्रैष्ठॺं प्राप्तं दिवीह च॥ १४॥
 
 
अनुवाद
देवराज इन्द्र ने उद्योग के द्वारा ही अमृत प्राप्त किया, उद्योग के द्वारा ही दैत्यों का संहार किया तथा उद्योग के द्वारा ही देवलोक तथा इस लोक में श्रेष्ठता प्राप्त की ॥14॥
 
'Devraj Indra obtained nectar through industry, killed the demons through industry and attained superiority in the world of gods and this world only through industry. 14॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd