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mahabharat 12.57.6: राजेन्द्र! प्राचीन काल में राजा मरुत्त ने एक प्राचीन श्लोक सुनाया था, जो बृहस्पति के अनुसार राजा के अधिकारों पर प्रकाश डालता है।   |   mahabharat अध्याय 12.57: राजाके धर्मानुकूल नीतिपूर्ण बर्तावका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.57.6 
मरुत्तेन हि राज्ञा वै गीत: श्लोक: पुरातन:।
राजाधिकारे राजेन्द्र बृहस्पतिमते पुरा॥ ६॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! प्राचीन काल में राजा मरुत्त ने एक प्राचीन श्लोक सुनाया था, जो बृहस्पति के अनुसार राजा के अधिकारों पर प्रकाश डालता है।
 
Rajendra! In ancient times, king Marutta recited an ancient verse which, according to Brihaspati, throws light on the rights of a king.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)