अयो हन्ति यदाश्मानमग्निना वारि हन्यते।
ब्रह्म च क्षत्रियो द्वेष्टि तदा सीदन्ति ते त्रय:॥ २५॥
अनुवाद
जब लोहा पत्थर से टकराता है, अग्नि जल को नष्ट करने लगती है और क्षत्रिय ब्राह्मण से द्वेष करने लगता है, तब ये तीनों दुःख पाते हैं अर्थात् दुर्बल हो जाते हैं॥ 25॥
‘When iron strikes stone, fire starts destroying water and a Kshatriya starts hating a Brahmin, then all these three suffer. That is, they become weak.॥ 25॥