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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 54: भगवान् श्रीकृष्ण और भीष्मजीकी बातचीत
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श्लोक 30
श्लोक
12.54.30
यश्चैतेन प्रमाणेन योक्ष्यत्यात्मानमात्मना।
स फलं सर्वपुण्यानां प्रेत्य चानुभविष्यति॥ ३०॥
अनुवाद
जो मनुष्य आपके उपदेश को प्रमाण मानकर उसे अपने जीवन में धारण करेगा, वह मृत्यु के पश्चात् सभी प्रकार के पुण्यों का फल भोगेगा ॥30॥
The person who accepts your advice as proof and applies it in his life will reap the fruits of all kinds of good deeds after his death. ॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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