vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 54: भगवान् श्रीकृष्ण और भीष्मजीकी बातचीत
»
श्लोक 29
श्लोक
12.54.29
यच्च त्वं वक्ष्यसे भीष्म पाण्डवायानुपृच्छते।
वेदप्रवाद इव ते स्थास्यते वसुधातले॥ २९॥
अनुवाद
भीष्म! पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर के प्रश्नों के उत्तर में आप जो कुछ कहेंगे, वह इस पृथ्वी पर वेदों के सिद्धांतों के समान मान्य होगा।
Bhishma! Whatever you say in reply to the questions posed by Yudhishthira, son of Pandu, will be valid on this earth like the principles of the Vedas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×