Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.54.22: जनार्दन! मैं किसी भी विषय पर जो कुछ भी कहने योग्य है, वही कहूँगा। आपकी कृपा से मेरा हृदय शुद्ध मन और उदार बुद्धि से परिपूर्ण हो गया है।॥22॥ | mahabharat अध्याय 12.54: भगवान् श्रीकृष्ण और भीष्मजीकी बातचीत । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यच्च यत्र च वक्तव्यं तद् वक्ष्यामि जनार्दन।
तव प्रसादाद्धि शुभा मनो मे बुद्धिराविशत्॥ २२॥
अनुवाद
जनार्दन! मैं किसी भी विषय पर जो कुछ भी कहने योग्य है, वही कहूँगा। आपकी कृपा से मेरा हृदय शुद्ध मन और उदार बुद्धि से परिपूर्ण हो गया है।॥22॥
Janardan! I will say whatever is worth saying on any subject. Due to your grace, my heart has been filled with a pure mind and benevolent intellect. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥