चतुर्ष्वाश्रमधर्मेषु योऽर्थ: स च हृदि स्थित:।
राजधर्मांश्च सकलानवगच्छामि केशव॥ २१॥
अनुवाद
चारों आश्रमों के धर्मों का सार भी मेरे हृदय में प्रकट हो रहा है। केशव! इस समय मैं समस्त राजधर्मों को भी भली-भाँति जानता हूँ।॥21॥
The essence of the religions of the four ashrams is also being revealed in my heart. Keshav! At this time I also know all the Rajdharmas very well. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥