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mahabharat 12.52.28: तत्पश्चात् श्रीकृष्ण, सात्यकि, संजय और शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य सहित पाण्डवों ने उन सबको प्रणाम किया॥28॥   |   mahabharat अध्याय 12.52: भीष्मका अपनी असमर्थता प्रकट करना, भगवान् का उन्हें वर देना तथा ऋषियों एवं पाण्डवोंका दूसरे दिन आनेका संकेत करके वहाँसे विदा होकर अपने-अपने स्थानोंको जाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मका अपनी असमर्थता प्रकट करना, भगवान् का उन्हें वर देना तथा ऋषियों एवं पाण्डवोंका दूसरे दिन आनेका संकेत करके वहाँसे विदा होकर अपने-अपने स्थानोंको जाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  12.52.28 
तत: प्रणाममकरोत् केशव: सहपाण्डव:।
सात्यकि: संजयश्चैव स च शारद्वत: कृप:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् श्रीकृष्ण, सात्यकि, संजय और शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य सहित पाण्डवों ने उन सबको प्रणाम किया॥28॥
 
Thereafter the Pandavas, along with Sri Krishna, Satyaki, Sanjaya and Sharadwan's son Kripacharya bowed down to them all.॥28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)