श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 50: श्रीकृष्णद्वारा भीष्मजीके गुण-प्रभावका सविस्तर वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  12.50.26 
स त्वं भीष्म महाबाहो वसूनां वासवोपम:।
नित्यं विप्रै: समाख्यातो नवमोऽनवमो गुणै:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
महाबाहो भीष्म! आप वसुओं में वसव (इंद्र) के समान हैं। ब्राह्मणों ने आपको सदैव आठ वसुओं के अंश से उत्पन्न नौवें वसु के रूप में वर्णित किया है। गुणों में आपके समान कोई नहीं है॥ 26॥
 
‘Mahabaho Bhishma! You are like Vasava (Indra) among the Vasus. Brahmins have always described you as the ninth Vasu born from the parts of the eight Vasus. There is no one like you in qualities.॥ 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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