Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.47.52: जो कामरूप में प्रकट हुए हैं, जिनकी प्रेरणा से समस्त अंगधारी जीव उत्पन्न होते हैं और जिनसे समस्त जीव उन्मत्त हो जाते हैं, उन परमेश्वर को नमस्कार है ॥ 52॥   |   mahabharat अध्याय 12.47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 47: भीष्मद्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति—भीष्मस्तवराज  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  12.47.52 
यत: सर्वे प्रसूयन्ते ह्यनङ्गात्माङ्गदेहिन:।
उन्माद: सर्वभूतानां तस्मै कामात्मने नम:॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
जो कामरूप में प्रकट हुए हैं, जिनकी प्रेरणा से समस्त अंगधारी जीव उत्पन्न होते हैं और जिनसे समस्त जीव उन्मत्त हो जाते हैं, उन परमेश्वर को नमस्कार है ॥ 52॥
 
Salutations to the Supreme Lord who appeared in the form of Kama, by whose inspiration all the living beings with limbs are born and by whom all living beings become mad. ॥ 52॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)