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mahabharat 12.41.7-8h: वे सम्पूर्ण जगत के स्वामी हैं, तुम्हारे भी और मेरे भी। यह सम्पूर्ण पृथ्वी और ये सभी पाण्डव उनके अधीन हैं। आप सब लोग मेरी इस प्रार्थना को अपने हृदय में स्थान दें।॥7 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 12.41: राजा युधिष्ठिरका धृतराष्ट्रके अधीन रहकर राज्यकी व्यवस्थाके लिये भाइयों तथा अन्य लोगोंको विभिन्न कार्योंपर नियुक्त करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 41: राजा युधिष्ठिरका धृतराष्ट्रके अधीन रहकर राज्यकी व्यवस्थाके लिये भाइयों तथा अन्य लोगोंको विभिन्न कार्योंपर नियुक्त करना  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  12.41.7-8h 
एष नाथो हि जगतो भवतां च मया सह।
अस्यैव पृथिवी कृत्स्ना पाण्डवा: सर्व एव च॥ ७॥
एतन्मनसि कर्तव्यं भवद्भिर्वचनं मम।
 
 
अनुवाद
वे सम्पूर्ण जगत के स्वामी हैं, तुम्हारे भी और मेरे भी। यह सम्पूर्ण पृथ्वी और ये सभी पाण्डव उनके अधीन हैं। आप सब लोग मेरी इस प्रार्थना को अपने हृदय में स्थान दें।॥7 1/2॥
 
‘He is the master of the whole world, of you and of me as well. This whole earth and all these Pandavas are under his control. All of you please give place to this prayer of mine in your hearts.’॥ 7 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)