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mahabharat 12.41.10: फिर उन्होंने बड़ी प्रसन्नता से बुद्धिमान विदुरजी को मंत्रणा, कर्तव्य-निर्धारण और छहों गुणों के चिंतन के कार्य के लिए नियुक्त किया ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 12.41: राजा युधिष्ठिरका धृतराष्ट्रके अधीन रहकर राज्यकी व्यवस्थाके लिये भाइयों तथा अन्य लोगोंको विभिन्न कार्योंपर नियुक्त करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 41: राजा युधिष्ठिरका धृतराष्ट्रके अधीन रहकर राज्यकी व्यवस्थाके लिये भाइयों तथा अन्य लोगोंको विभिन्न कार्योंपर नियुक्त करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  12.41.10 
मन्त्रे च निश्चये चैव षाड्गुण्यस्य च चिन्तने।
विदुरं बुद्धिसम्पन्नं प्रीतिमान् स समादिशत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
फिर उन्होंने बड़ी प्रसन्नता से बुद्धिमान विदुरजी को मंत्रणा, कर्तव्य-निर्धारण और छहों गुणों के चिंतन के कार्य के लिए नियुक्त किया ॥10॥
 
Then with great pleasure he appointed the intelligent Vidurji for the work of advice, determination of duty and contemplation of the six gunas. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)