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mahabharat 12.4.5: हे महाराज! जब स्वयंवर उत्सव आरम्भ हुआ, तब राजकुमारी को प्राप्त करने के लिए बहुत से राजा वहाँ आये थे; उनके नाम इस प्रकार हैं॥5॥   |   mahabharat अध्याय 12.4: कर्णकी सहायतासे समागत राजाओंको पराजित करके दुर्योधनद्वारा स्वयंवरसे कलिंगराजकी कन्याका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.4.5 
तत: स्वयंवरे तस्मिन् सम्प्रवृत्ते महोत्सवे।
समाजग्मुर्नृपतय: कन्यार्थे नृपसत्तम॥ ५॥
 
 
अनुवाद
हे महाराज! जब स्वयंवर उत्सव आरम्भ हुआ, तब राजकुमारी को प्राप्त करने के लिए बहुत से राजा वहाँ आये थे; उनके नाम इस प्रकार हैं॥5॥
 
O great king! When the swayamvara festival began, many kings had arrived there to win the princess; their names are as follows. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)