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mahabharat 12.4.3: भरतनंदन! कलिंगराज की राजधानी राजपुर नामक नगर में थी। वह नगर अत्यंत सुंदर था। सैकड़ों राजा राजकुमारी को पाने के लिए वहाँ आते थे।   |   mahabharat अध्याय 12.4: कर्णकी सहायतासे समागत राजाओंको पराजित करके दुर्योधनद्वारा स्वयंवरसे कलिंगराजकी कन्याका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.4.3 
श्रीमद्राजपुरं नाम नगरं तत्र भारत।
राजान: शतशस्तत्र कन्यार्थे समुपागमन्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
भरतनंदन! कलिंगराज की राजधानी राजपुर नामक नगर में थी। वह नगर अत्यंत सुंदर था। सैकड़ों राजा राजकुमारी को पाने के लिए वहाँ आते थे।
 
Bharatanandan! The capital of Kalingaraj was in a city called Rajpur, that city was very beautiful. Hundreds of kings came there to get the princess.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)