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mahabharat 12.4.15: तत्पश्चात् युद्ध की इच्छा रखने वाले कुछ राजा कवच धारण करने लगे और कुछ रथ जोतने लगे। उन सबमें बड़ा भारी युद्ध छिड़ गया॥15॥   |   mahabharat अध्याय 12.4: कर्णकी सहायतासे समागत राजाओंको पराजित करके दुर्योधनद्वारा स्वयंवरसे कलिंगराजकी कन्याका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 4: कर्णकी सहायतासे समागत राजाओंको पराजित करके दुर्योधनद्वारा स्वयंवरसे कलिंगराजकी कन्याका अपहरण  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  12.4.15 
ततो विमर्द: सुमहान् राज्ञामासीद् युयुत्सताम्।
संनह्यतां तनुत्राणि रथान् योजयतामपि॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् युद्ध की इच्छा रखने वाले कुछ राजा कवच धारण करने लगे और कुछ रथ जोतने लगे। उन सबमें बड़ा भारी युद्ध छिड़ गया॥15॥
 
Thereafter, some of the kings who desired war started putting on armour and some started harnessing the chariots. A huge battle broke out amongst them all.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)